उझानी(बदायूं)। कोतवाली क्षेत्र में दिल्ली हाईवे पर कूड़ा नरसिंहपुर गांव में मेंथा फैक्ट्री में तीन सुरक्षाकर्मियों की मौत के मामले में शनिवार को प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से जायजा लिया और फैक्ट्री से सम्बंधित दस्तावेजों व परिस्थितियों की जानकारी जुटाई।
मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव बसावनपुर निवासी जुगेंद्र यादव (30 वर्ष), मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव मुड़सेना खुर्द निवासी वीरभान यादव उर्फ भानू (32 वर्ष) और कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव पसेई निवासी विवेक यादव (28 वर्ष) का मंगलवार को फैक्ट्री के केबिन में शव मिला था। परिजनों का आरोप है कि फैक्ट्री मालिक मनोज गोयल, नीतेश गोयल व मैनेजर राकेश ने मिलकरहत्या कर फैक्टरी गेट के पास बने गार्ड रूम में खींचकर शव डाल दिए। साथ ही फैक्ट्री बैंक की बंधक थी, फैक्टरी की नीलामी होनी थी। इसके बावजूद यहाँ कारोबार चल रहा था।
घटना के चार दिन बाद शनिवार को एसडीएम सदर मोहित कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व वैभव शर्मा और अग्रणी बैंक प्रबंधक (एलडीएम) राकेश रंजन फैक्ट्री पहुँच गए अधिकारियों ने फैक्टरी के भीतर मौजूद कमरों, सुरक्षा व्यवस्था, अलाव की परात समेत अन्य सामान की भी जांच की। साथ ही फैक्टरी के बैंक ऑफ बड़ौदा में बंधक रहने और इसके बावजूद कामकाज चलने के आरोपों को भी जांच के दायरे में लिया गया है। एलडीएम राकेश रंजन ने बैंक से जुड़े तथ्यों और फैक्टरी की मौजूदा स्थिति को लेकर संबंधित अभिलेखों की पड़ताल की।
एसडीएम सदर मोहित कुमार ने बताया कि तीनों सुरक्षाकर्मियों की मौत को लेकर किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। युवकों की मौत किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी गहराई से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री संचालन और अन्य संभावित कारणों की भी पड़ताल की जा रही है।
वहीं दूसरी ओर मृतक जुगेंद्र यादव के परिजनों का कहना है कि घटना के चार दिन बाद भी उन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट की कॉपी नहीं सौंपी गई है। पुलिस ने न तो अब तक उनका बयान दर्ज किया है और न ही नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। परिजनों का आरोप है कि मामले में जानबूझकर जांच को धीमा किया जा रहा है। परिवार का कहना है कि यदि जल्द ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई, दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं की गई तो वे जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
