उझानी (बदायूं)। कस्बे के बरी बाईपास स्थित एक प्लॉट पर कब्जे को लेकर विवाद सामने आया है। आरोप है कि आधी रात को दबंग सीमेंट, ईंट और अन्य निर्माण सामग्री लेकर मौके पर पहुंच गए और दरवाजे का ताला तोड़कर जबरन निर्माण कार्य शुरू कर दिया। पीड़ित ने प्रकरण की शिकायत बदायूं एसएसपी और जिलाधिकारी से करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
अलीगढ़ जनपद के बन्नादेवी थाना क्षेत्र निवासी 70 वर्षीय मिथिलेश कुमार का कहना है कि उन्होंने वर्ष 1997 में अपनी पत्नी सुधा कुमारी के नाम पर उझानी के बरी बाईपास के पास 40×40 का एक प्लॉट खरीदा था। यह प्लॉट मोहल्ला गौतमपुरी निवासी छत्रपाल पुत्र रामपाल से खरीदा गया था। खरीद के बाद कई वर्षों तक प्लॉट खाली पड़ा रहा। वर्ष 2023 में उन्होंने वहां निर्माण कार्य शुरू कराया। निर्माण कार्य शुरू होते ही छत्रपाल के बेटे प्रवेन्द्र और उसके परिवार के अन्य सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि इस प्लॉट में उनका भी हिस्सा है। उस समय तक छत्रपाल की मृत्यु हो चुकी थी। पीड़ित के मुताबिक विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू हुई। काफी खींचतान के बाद मामला समझौते तक पहुंचा और पीड़ित के अनुसार उन्होंने दूसरे पक्ष को करीब 25 लाख रुपये दिए। इसके बाद ही निर्माण कार्य करने की सहमति बनी।
सफेदपोश नेता की मध्यस्थता में हुआ था समझौता
बताया जाता है कि वर्ष 2023 में प्लॉट को लेकर विवाद बढ़ने पर एक स्थानीय सफेदपोश नेता की मध्यस्थता में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया था। पीड़ित का कहना है कि इसी समझौते के तहत उसने दूसरे पक्ष को करीब 25 लाख रुपये दिए थे। समझौते के बाद उसने प्लॉट पर निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराया और आगे की ओर तीन दुकानें तथा एक मुख्य दरवाजा बनवा दिया। इसके बाद वह अपने घर अलीगढ़ वापस चला गया।
दो साल बाद फिर खड़ा हुआ विवाद
पीड़ित का आरोप है कि समझौते के बावजूद विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। इसी वर्ष जनवरी में प्रवेन्द्र ने कथित रूप से उसकी जमीन का किसी अन्य व्यक्ति के साथ एग्रीमेंट कर दिया। इसके बाद जनवरी की एक रात प्रवेन्द्र अपने कुछ साथियों के साथ प्लॉट पर पहुंच गया और दुकानों व मकान पर कब्जा करने की कोशिश की। मामले की जानकारी मिलने पर मिथिलेश कुमार अलीगढ़ से उझानी पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद उस समय मामला शांत हो गया और आरोपी वहां से चले गए।
आधी रात मजदूरों और निर्माण सामग्री के साथ पहुंचे आरोपी
वहीं 11 मार्च की रात प्रवेन्द्र एक बार फिर अपने कई साथियों के साथ प्लॉट पर पहुंच गया। उनके साथ राजमिस्त्री और मजदूर भी थे। ट्रैक्टर-ट्रॉली में करीब पांच हजार ईंट, सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री भी लाई गई थी। आरोप है कि आरोपियों ने मौके पर पहुंचते ही दरवाजे का ताला तोड़ दिया और अंदर घुसकर दीवार का निर्माण शुरू कर दिया। इस दौरान दुकानों के पीछे की दीवार को भी तोड़ दिया गया। बुजुर्ग ने बताया कि स्थानीय लोगों से सूचना मिलने पर उन्होंने तुरंत बदायूं के एसएसपी को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद उझानी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के पहुंचने की जानकारी मिलते ही आरोपी वहां से भाग खड़े हुए।
मिथिलेश कुमार के अनुसार वह रात करीब तीन बजे अलीगढ़ से उझानी पहुंचे। उस समय भी आरोपियों द्वारा दोबारा निर्माण कार्य करने की कोशिश की गई। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित का आरोप है कि इस दौरान उनके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया।
दुकान में रखा अनाज भी ले जाने का आरोप
पीड़ित का कहना है कि आरोपी दुकान में रखा करीब 20 बोरी सरसों और लगभग पांच कुंतल गेहूं भी अपने साथ ले गए। उन्होंने आरोप लगाया कि दबंगों की लगातार हरकतों से वह और उनका परिवार दहशत में है। मिथिलेश कुमार का कहना है कि आरोपियों से उनकी जान को खतरा है और उनके खिलाफ साजिश भी रची जा सकती है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने एसएसपी और जिलाधिकारी को लिखित शिकायत दी है।
