बदायूं। मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैजनी गांव के पास हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट में दो वरिष्ठ अधिकारियों की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए मंडलायुक्त बरेली की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि बदायूं के सीबीजी प्लांट में हुई इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर त्वरित कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके बावजूद यदि किसी साजिश की संभावना सामने आती है तो प्रदेश सरकार की अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सीबीजी प्लांट की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए वहां पुलिस चौकी की स्थापना भी कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
एसएसपी हटाए गए, अंकिता शर्मा को मिली जिम्मेदारी
घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई की गई है। सैजनी के पास एचपीसीएल के सीबीजी प्लांट में उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता और सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा की हत्या के मामले में शुक्रवार देर रात बदायूं के एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह को पद से हटा दिया गया। उन्हें डीजीपी मुख्यालय की लॉजिस्टिक शाखा में तैनात किया गया है। उनकी जगह कासगंज की पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा को बदायूं का नया एसएसपी बनाया गया है।
कई दिनों से धमका रहा था मुख्य आरोपी
मृतक हर्षित मिश्रा की मां रानी मिश्रा ने बताया कि उनका बेटा और उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता अक्सर एक ही वाहन से प्लांट जाते थे। मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह कई दिनों से रास्ते में बाइक लगाकर उन्हें रोकता, अभद्रता करता और धमकी देता था। चार फरवरी को सुधीर गुप्ता ने आरोपी के खिलाफ थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना से पहले भी आरोपी लगातार कई दिनों तक रास्ते में रोककर धमकाता रहा। इसकी जानकारी उनके बेटे ने कई बार दी थी और घटना से एक दिन पहले शाम को भी उन्हें बताया था। परिवार ने कई बार जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मिलकर सुरक्षा की मांग की थी, लेकिन सुरक्षा नहीं मिलने के कारण यह घटना हो गई।
जांच रिपोर्ट में भी सामने आई थी लापरवाही
इस मामले में सीओ उझानी डॉ. देवेंद्र कुमार ने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट में थाना प्रभारी अजय कुमार और आरोपी अजय प्रताप सिंह के बीच मिलीभगत की आशंका जताई थी। हालांकि परिजनों का आरोप है कि इस रिपोर्ट के बावजूद उस समय कोई कार्रवाई नहीं की गई।
