बदायूं। मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैंजनी गांव स्थित एचपीसीएल प्लांट में दो अधिकारियों की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। लापरवाही पाए जाने पर मूसाझाग थाना प्रभारी निरीक्षक और हल्का प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है। घटना के बाद बरेली जोन के अपर पुलिस महानिदेशक रमित शर्मा और बरेली परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक अजय कुमार साहनी भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों से जानकारी ली है।
थाना क्षेत्र के सैंजनी गांव स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम के प्लांट के अंदर घुसकर आरोपी अजय प्रताप सिंह ने प्लांट के मुख्य प्रबंधक सुधीर गुप्ता और उप प्रबंधक हर्षित मिश्रा पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी थीं। गंभीर रूप से घायल दोनों अधिकारियों को उपचार के लिए सीएचसी दातागंज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आरोपी अजय प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस सम्बन्ध में प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार व हल्का प्रभारी उप निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार द्वारा लापरवाही बरतने के दृष्टिगत क्षेत्राधिकारी उझानी डॉ. देवेन्द्र कुमार की रिपोर्ट के आधार पर अजय कुमार व धर्मेन्द्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करते हुए जाँच क्षेत्राधिकारी नगर श्री रजनीश कुमार उपाध्याय को सौंपी गई है।
घटना के बाद बरेली जोन के अपर पुलिस महानिदेशक रमित शर्मा और बरेली परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक अजय कुमार साहनी भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने मामले के जल्द खुलासे के लिए पुलिस को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। घटनास्थल पर जिलाधिकारी अवनीश राय, एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक नगर विजयेन्द्र द्विवेदी सहित कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
जनवरी में हुआ था विवाद
बताया जा रहा है कि कर्मचारी को कंपनी से निकालने के बाद करीब छह महीने से विवाद चल रहा था। इससे पहले भी आरोपी छह फरवरी को प्लांट में घुसकर दोनों अफसरों पर जानलेवा हमला कर चुका था। अजय प्रताप सिंह ने प्लांट में उत्पात मचाया था। इस पर उसका कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया। फर्म भी ब्लैक लिस्टेड कर दी गई थी। इस पर उसने सुधीर गुप्ता को जान से मारने की धमकी दी थी। उस वक्त अजय प्रताप सिंह ने खुद को नोएडा और शाहजहांपुर के कुख्यात गैंगस्टर गिरोहों से जुड़ा बताया। अपने शरीर पर चाकुओं के निशान दिखाते हुए कहा था कि वह सबको सबक सिखा देगा। इसके बाद आरोपी ने अफसरों की गाड़ियों का पांच किलोमीटर तक पीछा किया। इस दौरान उसने बार-बार ओवरटेक कर अधिकारियों को जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में असिस्टेंट मैनेजर हर्षित मिश्रा ने 4 फरवरी को एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने सिक्योरिटी मांगी थी। सुधीर गुप्ता अजय की धमकियों से इस कदर खौफ में थे कि उन्होंने वीआरएस ले लिया था। 31 मार्च को उन्हें चार्ज छोड़ना था। बावजूद इसके आरोपी पर पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया।
