उझानी(बदायूं)। भारतीय जनता पार्टी के नेता और उझानी ब्लॉक प्रमुख शिशुपाल शाक्य के एक विवादित बयान को लेकर राजनीति में हलचल तेज हो गई है। जहां एक ओर भाजपा नेतृत्व इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए है, वहीं विपक्षी दलों और सामाजिक-धार्मिक संगठनों ने सरकार और पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं।
सांसद आदित्य यादव ने मंगलवार को बिल्सी विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सतेती और गढ़ोंली गांवों में पहुंचकर हाल ही में निधन हुए लोगों के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। साथ ही सांसद ने बिल्सी क्षेत्र में लोगों से मुलाकात कर जनसंपर्क भी किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में शिशुपाल सिंह शाक्य के विवादित बयान के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि राजनीति में जाति, धर्म और धर्मगुरुओं को लेकर आपत्तिजनक बयान समाज में अशांति फैलाने का काम करते हैं और भय का माहौल पैदा करते हैं। सपा सांसद ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए और जनता के हितों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस तरह की बयानबाजी पर प्रशासनिक रोक लगाने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि इस प्रकार के बयान सरकार के इशारे पर दिए जा रहे हैं।
इससे पहले अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेशाध्यक्ष मुकेश पटेल ने बयान की निंदा करते हुए कहा कि ब्लॉक प्रमुख को इतिहास की सही जानकारी नहीं है। वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पूर्व प्रचारक एवं श्रीरामकथा वाचक रवि समदर्शी ने भी इस बयान का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से लेकर स्थानीय स्तर तक पार्टी की भूमिका पर सवाल उठाए। रवि समदर्शी का आरोप है कि वोटबैंक की राजनीति के चलते भाजपा खामोश बैठी है।
बता दें शिशुपाल शाक्य हाल ही में एक बौद्ध कथा कार्यक्रम में शामिल हुए थे। जहां उन्होंने दावा किया था कि केदारनाथ, बद्रीनाथ और अयोध्या में पहले बुद्ध विहार थे, जिन्हें बाद में मंदिरों में परिवर्तित किया गया। उन्होंने यह दावा भी किया था कि इन स्थलों को लेकर एक चीनी यात्री ने अपनी पुस्तक में उल्लेख किया है। हालाँकि विवाद बढ़ने के बाद ब्लॉक प्रमुख ने एक वीडियो जारी कर माफी मांग ली थी। इस दौरान शिशुपाल सिंह शाक्य ने किसी भी पुस्तक या ऐतिहासिक स्रोत से अपने दावे के समर्थन में प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए। इसके बजाय उन्होंने पूरे मामले को विरोधियों की साजिश करार दिया है।
