उझानी(बदायूं)। मेंथा फैक्ट्री में तीन सुरक्षाकर्मियों की मौत के मामले में पोस्टमार्टम को लेकर मंगलवार को दिनभर असमंजस और तनाव की स्थिति बनी रही। शवों का पोस्टमार्टम कराने के लिए प्रशासन ने तीन सदस्यीय डॉक्टरों का पैनल तय कर दिया था लेकिन पैनल में शामिल एक डॉक्टर के नाम को लेकर मृतकों के परिजनों ने कड़ा विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद आनन-फानन में पैनल में बदलाव करने का निर्णय लिया गया।
मेंथा फैक्टरी के केबिन में मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव बसावनपुर निवासी जुगेंद्र यादव (30) पुत्र रामबहादुर, मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव मुड़सेना खुर्द निवासी वीरभान उर्फ भानु (32) पुत्र श्रीपाल और कादरचौक क्षेत्र के गांव पसेई निवासी विवेक यादव (28) पुत्र रजिस्टर सिंह का शव मिला था। ग्रामीणों के भारी विरोध के बाद फैक्ट्री मालिकों मनोज गोयल, नीतीश गोयल और मैनेजर राकेश कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पोस्टमार्टम हाउस पर मचा हंगामा
वहीं पोस्टमार्टम के लिए प्रशासन ने तीन सदस्यीय डॉक्टरों का पैनल तय किया लेकिन परिजनों ने एक डॉक्टर पर एतराज जताया। परिजनों का आरोप था कि डॉक्टर साहब सत्ताधारी नेताओं के करीबी हैं, राजनैतिक गतिविधियों में भी सक्रिय हैं। उधर फैक्ट्री मालिक मनोज गोयल भी भाजपा नेता हैं। ग्रामीणों ने यह तक कह दिया कि सफेदपोश नेताओं के सरंक्षण में डॉक्टर साहब उझानी क्षेत्र में नर्सिंग इंस्टीट्यूट और निजी अस्पताल का संचालन कर रहे हैं जबकि सरकारी डॉक्टर होने के नाते ऐसा करना नियमों के खिलाफ है। परिजनों ने आशंका जताई कि इसी दबाव में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी हेरफेर हो सकती है।
इस विरोध की जानकारी मिलते ही पुलिसकर्मियों ने अपने अधिकारियों को अवगत कराया। हालात को बिगड़ते देख अफसरों ने वरिष्ठ अधिकारियों से भी चर्चा की। इसके बाद आनन-फानन में पैनल में बदलाव करने का निर्णय लिया गया। राजकीय मेडिकल कॉलेज की उप प्राचार्य डॉ. नेहा यादव को फॉरेंसिक विशेषज्ञ के रूप में पोस्टमार्टम के लिए नामित किया गया। डॉक्टर बदले जाने के बाद परिजन संतुष्ट हुए और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकी।
क्षेत्राधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि मृतकों में से एक के परिजनों ने पैनल में शामिल एक डॉक्टर के नाम पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद पैनल में बदलाव कर दूसरा डॉक्टर शामिल किया गया, जिस पर परिजनों को कोई आपत्ति नहीं रही। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम पूरी पारदर्शिता के साथ कराया गया है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दम घुटने से हुई थी सुरक्षाकर्मियों की मौत
मेंथा फैक्ट्री में तीन सुरक्षाकर्मियों की मौत को लेकर मंगलवार रात आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने जांच को नया मोड़ दे दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीनों सुरक्षा कर्मियों की मौत दम घुटने से होने की पुष्टि हुई है। इसके बाद पुलिस अब फैक्ट्री परिसर में मौजूद हर उस वस्तु और परिस्थिति की गहन जांच में जुट गई है, जिससे दम घुटने की स्थिति बनी हो सकती है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि तीनों सुरक्षाकर्मियों का दम आखिर किन हालात में घुटा और यह हादसा था या किसी साजिश का हिस्सा। इससे पहले मृतकों के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने फैक्ट्री मालिक समेत तीन लोगों के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस की जांच की दिशा बदल गई है और मामले की विवेचना नए सिरे से की जा रही है।
