उझानी(बदायूं)। कोतवाली क्षेत्र में नाबालिग बच्ची को घर में घुसकर उठा ले जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता के परिजनों ने आरोप लगाया है कि आरोपी दबंग किस्म के हैं और लंबे समय से किशोरी को परेशान कर रहे थे। घटना के बाद न सिर्फ पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे हैं, बल्कि विवेचना से पहले ही तहरीर बदलने और गंभीर धाराएं न लगाने के आरोप भी लगे हैं। अब पीड़ित परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर एसएसपी कार्यालय का रुख किया है।
क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला के मुताबिक उसकी 14 वर्षीय बेटी 25 तारीख की रात जब घर से बाहर निकली, तभी गाँव का ही एक आरोपी उसे जबरन उठाकर ले गया। घटना के बाद परिजनों ने आसपास व रिश्तेदारों से भी सम्पर्क किया लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला। अगली सुबह परिजन उझानी कोतवाली पहुंचे और लिखित शिकायत दी। शिकायत के बाद कुछ ही समय में बच्ची को घर पहुंचा दिया गया लेकिन इसके साथ ही पुलिस द्वारा मामले को आपसी समझौते में निपटाने का दबाव भी बनाया गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने समझौते से इनकार कर दिया, जिसके बाद उन्हें टालने की कोशिश की गई।
पीड़िता के परिजनों के अनुसार, आरोपी युवक पहले भी कई बार नाबालिग बच्ची से छेड़खानी कर चुका था और रास्ते में इशारेबाजी करता था। इसको लेकर परिजनों ने आरोपी के घर जाकर शिकायत भी की, लेकिन दबंग होने के चलते आरोपी के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। इसके बाद परिजन एसएसपी कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। एसएसपी के निर्देश पर मंगलवार को उझानी कोतवाली में बीएनएस की धारा 78, 79 और 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
हालांकि मुकदमा दर्ज होने के बाद पीड़िता की मां ने एक और गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना है कि विवेचक दरोगा ने उनकी तहरीर को गलत लिखवाकर दर्ज कराया है। तहरीर में न तो नाबालिग को उठा ले जाने का उल्लेख किया गया है और न ही पॉक्सो एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं। पीड़िता की मां का आरोप है कि दरोगा ने तहरीर ही गलत लिखवाई। इससे आरोपी को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। मामले को लेकर पीड़िता की मां ने एक बार फिर एसएसपी कार्यालय में शिकायत की है। एसएसपी कार्यालय से परिजनों को बुधवार सुबह बुलाया गया है। पीड़ित परिवार ने मांग की है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस सम्बन्ध में थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर ही केस दर्ज हुआ है, उसे बदलने का आरोप गलत है।
