बदायूं। शहर में गैस गीजर से नहाते समय चार साल के बच्चे की मौत हो गई। उसके बड़े भाई की हालत गंभीर है। दोनों बाथरूम का दरवाजा बंद कर साथ नहा रहे थे। इसी दौरान बाथरूम में ज्यादा भाप भरने से दोनों सांस नहीं ले पाए और उनका दम घुट गया।
सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला शहबाजपुर जफा निवासी सलीम अहमद अपने परिवार के साथ मकान की ऊपरी मंजिल पर रहते हैं। उनके घर के निचले हिस्से में स्टील की ग्रिल-गेट की दुकान है। शुक्रवार को उनके दो बेटे चार वर्षीय रयान व 11 साल का सयान बाथरूम बंद करके नहा रहे थे। जब दोनों बच्चे काफी देर तक बाहर नहीं आए और अंदर कोई हलचल महसूस नहीं हुई तो उनकी पत्नी घबरा गई। उन्होंने तत्काल दरवाजे पर खड़े होकर दोनों बच्चों को आवाज लगाई। जब कोई अंदर से आवाज नहीं आई तो उसने शोर मचाते हुए दरवाजा तोड़ना शुरू कर दिया। इससे मोहल्ले के लोग आ गए और उन्होंने दरवाजा तोड़ा। तब तक दोनों बच्चे बेहोश हो चुके थे।
सलीम ने बताया कि हम लोगों ने तुरंत दोनों बच्चों को गोद में उठाया और कार से लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने दोनों का इलाज शुरू किया। रयान ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि अयान को हायर सेंटर बरेली रेफर कर दिया। बड़े बेटे की भी हालत गंभीर बनी है। डॉक्टरों ने बताया कि बाथरूम का दरवाजा बंद था। गीजर से गैस निकलने और भाप भरने से बाथरूम में ऑक्सीजन का लेवल कम हो गया था। सूचना कोतवाली पुलिस को मिली तो वह भी जिला अस्पताल पहुंच गई। परिजनों ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने से मना कर दिया। इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों ने बताया कि बच्चे की गीजर से दम घुटने से मौत हुई है। उन्होंने कोई कार्रवाई कराने से इंकार कर दिया है।
बाथरूम के अंदर न लगाएं गैस गीजर
गैस गीजर एलपीजी या पीएनजी गैस से चलते हैं। ऐसे गीजर आपको कम वक्त में पानी गर्म कर दे देते हैं, लेकिन इनके साथ कुछ बड़े जोखिम भी जुड़े हुए हैं। गैस गीजर में गैस पाइप या कनेक्शन से लीकेज का खतरा हर वक्त बना रहता है। साथ ही बंद बाथरूम में कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैस जमा होने का डर भी बना रहता है। वेंटिलेशन सही न होने पर दम घुटने का जोखिम भी बढ़ जाता है। छोटे या बंद बाथरूम में लगे गैस गीजर ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं। कार्बन मोनोऑक्साइड गैंस रंगहीन और गंधहीन होती है। किसी को पता नहीं चलता कि वह इसे सांस के साथ अंदर ले रहा है। कुछ ही मिनटों में यह गैस चक्कर, कमजोरी, बेहोशी, ब्रेन में ऑक्सीजन की कमी और गंभीर स्थिति में सांस रुकने जैसी समस्याएं पैदा कर देती है। इसीलिए अगर आप गैस गीजर इस्तेमाल कर रहे हैं तो हमेशा इसे बाथरूम के बाहर लगाएं।


