बदायूं। दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर सीओ सिटी के नाम पर 1.40 लाख रुपये वसूलने के मामले में पुलिस ने गैंग के एक और सदस्य शिवकांत शर्मा को गिरफ्तार किया है। इससे पहले पुलिस ने गैंग के सरगना अमन उर्फ मयंक शर्मा और उसके साथी अजय शर्मा को गिरफ्तार किया था।
मामला कुंवरगांव थाना क्षेत्र के गांव कैली निवासी संतोष कुमार की शिकायत से जुड़ा है। संतोष ने सिविल लाइंस थाने में दी तहरीर में बताया था कि उनके रिश्तेदार विजेंद्र और विनय के खिलाफ एक महिला ने एसएसपी कार्यालय में शिकायत की थी। मामले की जांच के दौरान दोनों को बयान दर्ज कराने के लिए एसएसपी कार्यालय बुलाया गया था। संतोष भी उनके साथ वहां पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान अजय शर्मा से उनकी मुलाकात हुई। अजय ने दावा किया कि वह विजेंद्र और विनय को मामले से बचा सकता है। इसके लिए उसने डेढ़ लाख रुपये की मांग की। वहीं रुपये देने से इनकार करने पर अजय ने अमन मयंक शर्मा और अंकुर उपाध्याय के जरिए फोन कराकर धमकाना शुरू कर दिया। आरोपियों ने कहा कि रुपये नहीं दिए तो विजेंद्र और विनय को बलात्कार के मुकदमे में फंसा कर जेल भिजवा दिया जाएगा। धमकी और दबाव के बाद संतोष ने रकम की व्यवस्था की। आरोप है कि 20 अगस्त को बरेली रोड स्थित दास पेट्रोल पंप के पास आरोपियों ने 1.40 लाख रुपये लिए। यह रकम सीओ सिटी राहुल पांडेय के नाम का इस्तेमाल कर वसूली गई थी।
अमन के बयान में सामने आया शिवकांत का नाम
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने दो दिन पहले गैंग के सरगना अमन उर्फ मयंक शर्मा और अजय शर्मा को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने अजय के कब्जे से 50 हजार और अमन के पास से 57 हजार रुपये बरामद किए थे। पूछताछ के दौरान अमन मयंक के बयान में शिवकांत शर्मा का नाम सामने आया। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए मूसाझाग थाना क्षेत्र के महरौली गांव निवासी शिवकांत को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर वसूली की रकम और गिरोह की गतिविधियों में उसकी भूमिका की जानकारी जुटा रही है। इस मामले में अंकुर उपाध्याय का नाम भी सामने आया है। पुलिस उसकी भूमिका की जांच के साथ उसकी तलाश कर रही है।

नेताओं और पुलिस अधिकारियों के साथ तस्वीरों से बनाते थे रसूख
मामले की जांच में अखिल भारतीय ब्राह्मण युवा ब्राह्मण महासभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताने वाले अमन मयंक शर्मा की सोशल मीडिया गतिविधियां भी पुलिस के सामने आई हैं। वह भाजपा नेताओं, मंत्रियों और पुलिस अधिकारियों के साथ अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करता था। इन तस्वीरों के जरिए वह अपनी राजनीतिक और प्रशासनिक पहुंच का प्रभाव दिखाता था। उसकी प्रोफाइल पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केशव प्रसाद मौर्य, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य, प्रभारी मंत्री अरुण सक्सेना, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा समेत कई नेताओं के साथ तस्वीरें मौजूद हैं।
अमन का पार्टी से कोई संबंध नहीं
वहीं इस घटना के बाद भाजपा ने अमन से दूरी बना ली है। भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता का कहना है कि अमन का पार्टी से कोई संबंध नहीं है। संगठन की ओर से उसे कोई दायित्व भी नहीं दिया गया था।
पहले भी दर्ज है वसूली का मुकदमा
अमन मयंक शर्मा के खिलाफ कोतवाली थाने में भी मुकदमा दर्ज है। आरोप है कि शहर के टिकटगंज निवासी एक अधिवक्ता के किरायेदार से मकान खाली कराने के नाम पर वसूली की गई थी। मौजूदा मामले के बाद पुलिस उसके पुराने रिकॉर्ड और गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरोह की गतिविधियों को देखते हुए अमन मयंक शर्मा की हिस्ट्रीशीट खोलने की तैयारी है। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि इस गिरोह ने कितने लोगों को इसी तरह प्रभाव में लेकर वसूली की है।


