उझानी(बदायूं)। उझानी ब्लॉक प्रमुख और भारतीय जनता पार्टी के नेता शिशुपाल शाक्य के एक विवादित बयान को लेकर सियासी और सामाजिक हलचल लगातार तेज बनी हुई है। भाजपा नेतृत्व की चुप्पी के बीच राष्ट्रीय बजरंग दल ने इस प्रकरण में सीधे हस्तक्षेप करते हुए पुलिस महानिरीक्षक(आईजी) को लिखित शिकायत भेजी है।
राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रांतीय गोरक्षा प्रमुख विकेंद्र शर्मा ने बरेली आईजी को शिकायत भेजते हुए कहा कि शिशुपाल शाक्य ने सार्वजनिक मंच से भड़काऊ बयान देकर समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास किया है। उन्होंने इसे गंभीर प्रकरण बताते हुए आशंका जताई कि ऐसे बयान सामाजिक तनाव और विवाद का कारण बन सकते हैं। विकेंद्र शर्मा ने आरोप लगाया कि अब तक पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि चूंकि आरोपी सत्ता पक्ष से जुड़ा हुआ है इसलिए पुलिस कार्रवाई करने से बच रही है। शिकायत में मांग की गई है कि शिशुपाल शाक्य के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
दरअसल, हाल ही में शिशुपाल शाक्य एक बौद्ध कथा कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सार्वजनिक मंच से दावा किया था कि केदारनाथ, बद्रीनाथ और अयोध्या में पहले बौद्ध विहार थे, जिन्हें बाद में मंदिरों में परिवर्तित कर दिया गया। उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद धार्मिक और सामाजिक संगठनों में नाराजगी फैल गई। इस प्रकरण में भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता समेत पार्टी का शीर्ष नेतृत्व खामोश रहा हालाँकि धार्मिक संगठनों और सपा सांसद आदित्य यादव ने नाराजगी जाहिर की।
उधर, विवाद बढ़ने के बाद शिशुपाल शाक्य ने एक अलग वीडियो जारी कर अपने बयान पर माफी मांगी थी। उन्होंने कहा था कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया है और यह पूरी तरह राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करना नहीं था।



